Lyrics : Vidyanand Bedardi
Singer / Composer : Nitin Gajurel
Arranger : Bhupendra Ray Majhi

चानसन रूप ई देखि देखि मिलैए
अइ जिनगीमे आराम
अपन दिलके डायरीमे लहूक कलमसँ
लिखि देलौँ अहीँकेर नाम
लिखि देलौँ अहीँकेर नाम
सङ्ग छोड़ब नइ कहै छी कसमसँ
मिलि सजेबै सपनाक गाम

आँखिए आँखिएमे मधुर बात क'
मनमे मुरूत एकदोसरके गढ़ैत चली
फूले फूल पसारि काँट कात क'
प्रेमक पथ पलपल चढ़ैत चली
देखि साथ ई, सङ्ग ई समर्पण
घरसँ नगर भ' जाए चाहए दुश्मन
ओझराएब नइ जगके भरमसँ
दूर भेलै कि छाहसँ घाम?
अपन दिलके डायरीमे लहूक कलमसँ
लिखि देलौँ अहीँकेर नाम
लिखि देलौँ अहीँकेर नाम

" साउनको महिनामा मेहदीँको रङ्ग लाग्यो
हरियो पहिलो चुरामा सजिन मन लाग्यो "

अनुप जोड़ी ई अपन सदा रहए अमर
बस एक ई वर माङ्गी हम विधातासँ
पूजब प्रेमकेँ हमसभ आठो पहर
प्राण जाए आ पिबए पड़ए चाहए जहर
नुका रखने छी हम अहाँके हर साँसमे
हँसि खेलि रहब नेहक निवासमे
मानि मनमीत हम चाहै छी जनमसँ
असगर नइ जिबै रामोराम
अपन दिलके डायरीमे लहूक कलमसँ
लिखि देलौँ अहीँकेर नाम
लिखि देलौँ अहीँकेर नाम

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